*जांजगीर चांपा पुलिस की बड़ी कामयाबी, डिजिटल अरेस्ट के मामले में पंजाब से आरोपी को किया गिरफ्तार, मनीलॉड्रिंग के नाम पर बुजुर्ग को दिखाया था सीबीआई का डर, 32लाख रु की ठगी* 

*जांजगीर चांपा पुलिस की बड़ी कामयाबी, डिजिटल अरेस्ट के मामले में पंजाब से आरोपी को किया गिरफ्तार, मनीलॉड्रिंग के नाम पर बुजुर्ग को दिखाया था सीबीआई का डर, 32लाख रु की ठगी* 

जांजगीर। सायबर जागृति अभियान के अंतर्गत जांजगीर चांपा पुलिस के सायबर थाना द्वारा लगातार कार्यवाही की जा रही है। इसके अंतर्गत सायबर ठगी के आरोपियों की गिरफ्तारी की जा रही है। पिछले 2 माह में 17 सायबर ठगी के आरोपी एवं उनसे जुड़े आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। इसी क्रम में पुलिस ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। जानकारी के अनुसार तुषारकर देवांगन जांजगीर के द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि प्रार्थी के मोबाईल नंबर में सायबर ठगी के आरोपी ने विजय खन्ना टेलीकॉम अथॉरिटी अधिकारी बनकर प्रार्थी के मोबाइल नंबर को मनीलॉड्रिंग के केश में उपयोग होना बताया और कोलाबा पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज होना बताया, जिसके बाद CBI अधिकारी बनकर फोन आया जिसे रिसीव करने पर मनीलॉड्रिंग के केश में डिजिटल अरेस्ट करना बताए चूंकि प्रार्थी बुजुर्ग व्यक्ति थे जिस कारण से डर गए एवं इसी डर का फायदा उठाकर प्रार्थी से 32 लाख रुए की ठगी पुलिस से सेटिंग करने के नाम पर किया गया, कई अलग अलग नंबर से पुलिस , सीबीआई, टेलीकॉम अथॉरिटी का अधिकारी बनकर काल किए थे कुछ दिन में सभी मोबाइल नंबर बंद हो जाने से प्रार्थी अपने घर वाले को बताया जिससे ठगी का एहसास हुआ जिस पर से मोबाईल नंबर बंद होने पर प्रार्थी को ठगी का एहसास होने पर अपराध कमांक 649/2025 धारा 318(4) 3(5) बीएन.एस. 66डी आई.टी एक्ट का अपराध पंजीबद्ध किया गया ।

विवेचना के दौरान जिन खातों में पैसा गया है उनका पता किया गया जो इक्वाटास बैंक द्वारा खाता नंबर में पैसा जाना पाया गया , अन्य तकनीकी साक्ष्य के आधार पर पुलिस टीम गठित कर पंजाब रवाना किया गया , जहां पर आरोपी शरणप्रीत सिंह पिता दुर्लभ सिंह उम्र 27 वर्ष ग्राम बल्लोवाल थाना जोधा जिला लुधियाना पंजाब को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ करने पर आरोपी द्वारा अपराध स्वीकार कर अपने मेमोरेंडम कथन में अपने स्वंय के खाता में पैसा लेना बताया आरोपी के पेश करने पर उक्त बैंक खाते में लिंक मोबाईल नंबर, आधार कार्ड, पैन कार्ड एवं मोबाईल हँडसेट विधिवत समक्ष गवाहान जप्त किया गया। आरोपी के विरूद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाये जाने से आरोपी को विधिवत गिरफ्तारी कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया । उक्त कार्यवाही में निरीक्षक भास्कर शर्मा, निरीक्षक अशोक वैष्णव, स उ नि विवेक सिंग, प्रधान आरक्षक मनोज तिग्गा, HC विवेक सिंह , आरक्षक शाहबाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा ।

जांजगीर पुलिस की अपील 

*जांजगीर पुलिस ने साइबर ठगी के मामलों को रोकने के लिए आम लोगों से अपील की है। पुलिस का कहना है कि कानून की पुस्तक में डिजिटल अरेस्ट नाम का कोई शब्द नहीं है ना ही पुलिस कभी किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट करती है यदि कोई व्यक्ति मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर, ड्रग्स सप्लाई के नाम पर या अन्य किसी भी प्रकार से आपको डर दिखाकर सीबीआई या अन्य कोई भी पुलिस डिपार्टमेंट के आदमी बनकर, एयरपोर्ट ,नेवी के पुलिस अधिकारी बनकर पैसे मांगते है , अन्यथा अरेस्ट किया जाएगा कहते है तो झांसे में ना आये , यह सायबर ठगी का एक जाल है जो डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ठगी करते है । जागरूक रहे सायबर ठगी से बचे।*