भाजपा नेता अकबर तिगाला पर कार्रवाई से बच रहे अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष मखमूर
रायपुर: भाजपा सरकार के मंत्रियों-अफसरों-राजनेताओं के लैटरपैड का गलत इस्तेमाल करने वाले भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश मंत्री अकबर तिगाला पर अब तक संगठन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं होने पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इस पूरे मामले प्रदेश अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष मखमूर इकबाल खान ने चुप्पी साध ली है। बालोद के स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि वे अकबर तिगाला को बचाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। संगठन के नियमों के खिलाफ काम करने वाले बलौदाबाजार के नेता पर तुरंत कार्रवाई और अकबर तिगाला को अब तक नोटिस तक नहीं देने पर भी विवाद शुरू हो गया है। अल्पसंख्यक मोर्चा के ही कई नेताओं ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। अब इस मामले में भाजपा के महासचिव नवीन मारकंडेय से भी शिकायत की गई है। फिलहाल ठोस कार्रवाई नहीं होने की वजह से भाजपा नेताओं में इस मामले को लेकर काफी चर्चा हो रही है। गौरतलब है कि भाजपा नेता अकबर तिगाला पर चिटफंड में भी करोड़ों का फर्जीवाड़ा करने का आरोप है। उसने मंत्रियों, सांसदों और विधायकों को धोखे में रखकर करोड़ों का अवैध लेन-देन किया है। सरकारी रकम का उपयोग अपने निजी फर्मों में भी किया है। बालोद एसपी का कहना है कि इस मामले में जांच शुरू कर दी गई है। क्या है मामला? शिकायतकर्ता बालोद के असरार अहमद ने ईओडब्ल्यू में लिखित शिकायत में बताया है कि अकबर तिगाला अपनी ऊंची पहुंच और रसूख के चलते जमकर फर्जीवाड़ा किया है। इसलिए विभाग को इस पर आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर गिरफ्तार करना चाहिए। इस नेता ने प्रदेश के कद्दावर मंत्रियों, सांसदों और विधायकों के साथ खिंचवाई तस्वीरों को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया। इन तस्वीरों को दिखाकर पहले तो भोले-भाले लोगों और पंचायत प्रतिनिधियों को अपने मायाजाल में फंसाया। इसके बाद राजनीति की धौंस दिखाकर अपनी निजी फर्म के नाम पर करोड़ों की सप्लाई का काम भी हथिया लिया। इतना ही नहीं बिना काम किए अपनी फर्म के नाम अग्रिम चेक (भुगतान) भी जारी करवा लिया। अकबर का नेटवर्क सिर्फ एक जिले तक सीमित नहीं है। उसने कई जिलों मे डीएमएफ मद से करोड़ों का काम दिलाने का झांसा देकर एडवांस कमीशन वसूला। काम नहीं मिलने पर जब ठेकेदारों ने इसकी शिकायत दर्ज कराई तो रकम वापसी के नाम पर चेक दे दिए। लेकिन बाद में ये सभी चेक भी बाउंस हो गए। । शिकायतकर्ताओं की यह भी मांग है कि अकबर को तुरंत पार्टी से निष्कासित कर तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए।

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