डिग्री के साथ हुनर भी जरूरी, पत्थलगांव कॉलेज में कौशल विकास कार्यशाला आयोजित

 

डिग्री के साथ हुनर भी जरूरी, पत्थलगांव कॉलेज में कौशल विकास कार्यशाला आयोजित

ठाकुर शोभा सिंह शासकीय महाविद्यालय पत्थलगांव में राष्ट्रीय सेवा योजना, एनसीसी, आईक्यू एसी एवं रेडक्रॉस सोसाइटी केसंयुक्त तत्वावधान में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. आर. एस. कान्त एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी प्रो. टी. आर. पाटले के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यशाला की शुरूआत अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पूजन, सरस्वती वंदना, राज्यगीत, एवं स्वागत गीत की प्रस्तुती के साथ हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवक कु. कौशल्या नाग, ज्योति डनसेना एवं उनके साथियों द्वारा सरस्वती वंदना राज्यगीत एवं स्वागत गीत की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के साथ-साथ रोजगारोन्मुखी कौशल प्रशिक्षण के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वरोजगार एवं रोजगार के उपलब्ध अवसरों से परिचित कराना था।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में मुख्यमंत्री कौशल विकास केंद्र कांसाबेल के डायरेक्टर श्री गणेश ठाकुर श्री भरत यादव (ट्रेनर ) कु. रिया प्रधान (ट्रेनर )मुख्यमंत्री कौशलप्रेस विज्ञप्ति
ठाकुर शोभा सिंह शासकीय महाविद्यालय पत्थलगांव में राष्ट्रीय सेवा योजना, एनसीसी, आईक्यू एसी एवं रेडक्रॉस सोसाइटी केसंयुक्त तत्वावधान में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. आर. एस. कान्त एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी प्रो. टी. आर. पाटले के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यशाला की शुरूआत अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पूजन, सरस्वती वंदना, राज्यगीत, एवं स्वागत गीत की प्रस्तुती के साथ हुआ। इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवक कु. कौशल्या नाग, ज्योति डनसेना एवं उनके साथियों द्वारा सरस्वती वंदना राज्यगीत एवं स्वागत गीत की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के साथ-साथ रोजगारोन्मुखी कौशल प्रशिक्षण के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें स्वरोजगार एवं रोजगार के उपलब्ध अवसरों से परिचित कराना था।
कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में मुख्यमंत्री कौशल विकास केंद्र कांसाबेल के डायरेक्टर श्री गणेश ठाकुर श्री भरत यादव (ट्रेनर ) कु. रिया प्रधान (ट्रेनर )मुख्यमंत्री कौशल विकास से उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के उद्देश्यों, इसकी उपयोगिता तथा योजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में केवल शैक्षणिक डिग्री प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि रोजगार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी दक्षता और व्यावसायिक कौशल विकसित करना भी अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना युवाओं को उनकी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।उन्होंने विभिन्न कौशल आधारित पाठ्यक्रमों, प्रशिक्षण की प्रक्रिया, प्रशिक्षण के उपरांत रोजगार की संभावनाओं तथा स्वरोजगार के अवसरों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को इन योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए महाविद्यालय के प्रो. जे. के. भगत ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न रोजगारमूलक कौशलों का अर्जन करना समय की आवश्यकता है। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल प्रमाणपत्र और डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि व्यक्ति को जीवन की चुनौतियों का सामना करने योग्य बनाना है। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी अपनी नियमित पढ़ाई के साथ तकनीकी, व्यावसायिक एवं व्यावहारिक कौशल विकसित करते हैं, तो उनके लिए रोजगार और स्वरोजगार के अनेक नए रास्ते खुल सकते हैं। कौशल आधारित शिक्षा युवाओं को नौकरी मांगने वाले के स्थान पर रोजगार सृजन करने वाला भी बना सकती है। इसलिए पढ़ाई के साथ-साथ सभी विद्यार्थियों को कौशल विकास से सम्बन्धित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेकर अपने हुनर को निखारने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में अतिथि प्राध्यापक श्री खेमचन्द राम ने मुख्य वक्ता, महाविद्यालय के प्राध्यापकों, राष्ट्रीय सेवा योजना के सदस्यों एवं उपस्थित विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान प्रो.डी. आर. मिंज,डॉ.

संगीता बंजारा एवं अन्य स्टाफ मौजूद रहे। कार्यशाला के सफल आयोजन में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विकास से उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के उद्देश्यों, इसकी उपयोगिता तथा योजना के अंतर्गत संचालित विभिन्न महत्वपूर्ण प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों की विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में केवल शैक्षणिक डिग्री प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि रोजगार की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक ज्ञान, तकनीकी दक्षता और व्यावसायिक कौशल विकसित करना भी अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना युवाओं को उनकी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।उन्होंने विभिन्न कौशल आधारित पाठ्यक्रमों, प्रशिक्षण की प्रक्रिया, प्रशिक्षण के उपरांत रोजगार की संभावनाओं तथा स्वरोजगार के अवसरों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को इन योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए महाविद्यालय के प्रो. जे. के. भगत ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न रोजगारमूलक कौशलों का अर्जन करना समय की आवश्यकता है। शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल प्रमाणपत्र और डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि व्यक्ति को जीवन की चुनौतियों का सामना करने योग्य बनाना है। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी अपनी नियमित पढ़ाई के साथ तकनीकी, व्यावसायिक एवं व्यावहारिक कौशल विकसित करते हैं, तो उनके लिए रोजगार और स्वरोजगार के अनेक नए रास्ते खुल सकते हैं। कौशल आधारित शिक्षा युवाओं को नौकरी मांगने वाले के स्थान पर रोजगार सृजन करने वाला भी बना सकती है। इसलिए पढ़ाई के साथ-साथ सभी विद्यार्थियों को कौशल विकास से सम्बन्धित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेकर अपने हुनर को निखारने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में अतिथि प्राध्यापक श्री खेमचन्द राम ने मुख्य वक्ता, महाविद्यालय के प्राध्यापकों, राष्ट्रीय सेवा योजना के सदस्यों एवं उपस्थित विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान प्रो.डी. आर. मिंज,डॉ. संगीता बंजारा एवं अन्य स्टाफ मौजूद रहे। कार्यशाला के सफल आयोजन में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

Okay