जश-लर्न से मजबूत होगी बच्चों की गणितीय नींव, सत्रांत तक हर पांचवीं का विद्यार्थी कर सकेगा भाग

जश-लर्न से मजबूत होगी बच्चों की गणितीय नींव, सत्रांत तक हर पांचवीं का विद्यार्थी कर सकेगा भाग

जशपुरनगर  श्री रोहित व्यास ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक लेकर जिले में शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार, विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता बढ़ाने तथा नवाचार आधारित शिक्षण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।बैठक में जिले में संचालित 'जश-लर्न' कार्यक्रम की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान बेहतर कार्य करने वाले शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए तथा जश-लर्न टीम ने कार्यक्रम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। कलेक्टर श्री व्यास ने निर्देश दिए कि जिले के सभी विकासखंडों में जश-लर्न का प्रभावी एवं एकरूप क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संकुल समन्वयकों को योजना की अद्यतन प्रगति से लगातार अवगत रहने तथा कमजोर प्रदर्शन वाले संकुलों में विशेष प्रयास कर शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाने के निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक कुमार सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी, बीईओ, बीआरसीसी, सीएसी एवं अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

*गणित सीखने का स्पष्ट लक्ष्य, पांचवीं तक हर बच्चा कर सकेगा भाग* -

कलेक्टर ने विद्यार्थियों में गणित की बुनियादी समझ विकसित करने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रारंभिक कक्षाओं में मजबूत आधार तैयार करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों को दिए गए प्रशिक्षण का फीडबैक भी लिया तथा निर्देश दिए कि बीईओ, बीआरसीसी, सीएसी एवं शिक्षक आपसी समन्वय से कार्य करें और शिक्षा सत्र के अंत तक कक्षा पांचवीं के प्रत्येक विद्यार्थी को भाग करना आना चाहिए, इसे जिले का साझा लक्ष्य बनाकर कार्य किया जाए। उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को निरंतर प्रोत्साहित करने तथा उनके नवाचारों को अन्य विद्यालयों में भी लागू करने के निर्देश दिए।

*अभिभावकों की सहभागिता से मजबूत होगी बच्चों की पढ़ाई*-

कलेक्टर ने कहा कि बच्चों की शैक्षणिक प्रगति में अभिभावकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने शिक्षक-पालक बैठकों का आयोजन कर पालकों को जश-लर्न की अवधारणा से अवगत कराने तथा विशेष रूप से गणित में कमजोर बच्चों को घर पर भी अभ्यास कराने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। बैठक में जानकारी दी गई कि शिक्षक बच्चों की पढ़ाई के संबंध में पालकों से फोन के माध्यम से भी लगातार संपर्क कर रहे हैं, जिसकी ग्रामीणों द्वारा सराहना की जा रही है।

*संकुल समन्वयक नियमित करें विद्यालयों का निरीक्षण*

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी संकुल समन्वयक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करें तथा जश-लर्न योजना के क्रियान्वयन की सतत समीक्षा करें। उन्होंने कहा कि निरीक्षण केवल औपचारिकता न होकर बच्चों के सीखने के स्तर में वास्तविक सुधार लाने का माध्यम होना चाहिए। बैठक में एसईसीएल के सहयोग से संचालित स्मार्ट क्लास की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जिले के 146 विद्यालयों में प्रतिदिन स्मार्ट क्लास का संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पाठ्यपुस्तकों के वितरण एवं उनकी स्कैनिंग की भी समीक्षा करते हुए सभी पात्र विद्यार्थियों तक समय पर पुस्तकें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

*साइकिल वितरण, ऑनलाइन उपस्थिति और अपार आईडी पर विशेष जोर*-

कलेक्टर ने शासकीय योजना के तहत बालिकाओं को प्रदान कराने उपलब्ध सभी साइकिलों का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी शिक्षकों की 100 प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने तथा विद्यालयों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। साथ ही बीईओ एवं बीआरसीसी को समन्वय बनाकर विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। उन्होंने चिरायु टीम के माध्यम से सभी बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच कराने तथा प्रत्येक विद्यार्थी की अपार आईडी अनिवार्य रूप से तैयार करने के निर्देश भी दिए।