पत्थलगांव में कोटवारों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार भीष्म पटेल को सौंपा ज्ञापन, नियमितीकरण व मानदेय वृद्धि की उठाई मांग

पत्थलगांव। कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ की तहसील शाखा पत्थलगांव के बैनर तले शुक्रवार को क्षेत्र के कोटवारों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार भीष्म पटेल को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कोटवारों ने वर्षों से लंबित समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग करते हुए शासन से सकारात्मक पहल की अपेक्षा जताई।
संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के कोटवार लंबे समय से शासन-प्रशासन और ग्रामीण व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते आ रहे हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने, शासकीय सूचनाओं के प्रचार-प्रसार, राजस्व विभाग के कार्यों में सहयोग सहित अनेक जिम्मेदारियां निभाने के बावजूद आज तक उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा नहीं मिल सका है। इससे कोटवारों और उनके परिवारों को आर्थिक व सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ज्ञापन में कोटवारों को नियमित कर राजस्व विभाग में संविलियन करने, वर्तमान मानदेय में बढ़ोतरी करने तथा सेवा भूमि के आधार पर दी जा रही मानदेय व्यवस्था में संशोधन की मांग प्रमुखता से उठाई गई है। संगठन ने मांग की है कि जिन कोटवारों के पास सेवा भूमि नहीं है अथवा कम भूमि है, उन्हें सम्मानजनक मानदेय दिया जाए ताकि उनका परिवार बेहतर ढंग से जीवनयापन कर सके।
इसके अलावा संगठन ने कोटवारों के परिवार के सदस्यों को नियुक्ति में प्राथमिकता देने, कोटवारों से बेगार या अतिरिक्त कार्य नहीं कराने, शिकायतों की निष्पक्ष जांच के बिना किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने तथा नगर पालिका क्षेत्र में कोटवारों की नियुक्ति पर लगे प्रतिबंध को हटाने की भी मांग की है।
कोटवार एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि कोटवारों की वर्षों पुरानी मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र निर्णय लिया जाए, ताकि प्रदेश के हजारों कोटवारों और उनके परिवारों को राहत मिल सके।





