ऑपरेशन शंखनाद : गौवंश तस्करी के विरुद्ध जशपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, छह चक्का ट्रक में क्रूरतापूर्वक भरकर ले जाए जा रहे 38 गौवंश बरामद। पुलिस की घेराबंदी देखकर ट्रक रोककर भागने लगे तस्कर, एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य आरोपियों की तलाश जारी।

ऑपरेशन शंखनाद : गौवंश तस्करी के विरुद्ध जशपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, छह चक्का ट्रक में क्रूरतापूर्वक भरकर ले जाए जा रहे 38 गौवंश बरामद। पुलिस की घेराबंदी देखकर ट्रक रोककर भागने लगे तस्कर, एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य आरोपियों की तलाश जारी।

 मामले में थाना सिटी कोतवाली जशपुर में छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(1)(क) एवं 11(1)(घ) के तहत अपराध पंजीबद्ध।

गिरफ्तार आरोपी : मोजामिल अंसारी, उम्र 29 वर्ष, 

मामले का विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 28.10.2026 को जशपुर पुलिस कंट्रोल रूम में एक व्यक्ति द्वारा सूचना दी गई कि झारखंड पासिंग के छह चक्का ट्रक क्रमांक JH-02-L-0355 में गौवंश को क्रूरतापूर्वक ठूंस-ठूंसकर भरकर तस्करी के लिए ले जाया जा रहा है। उक्त ट्रक चरईडांड़ की ओर से लोरो घाट होते हुए जशपुर की तरफ आ रहा है।

सूचना की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जशपुर राकेश कुमार पाटनवार के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी जशपुर निमितेश सिंह के पर्यवेक्षण में जशपुर पुलिस द्वारा तत्काल कार्रवाई की गई। सूचना प्राप्त होते ही थाना लोदाम एवं थाना दुलदुला की पुलिस टीम ने ग्राम खटंगा के पास नाकाबंदी कर संदिग्ध ट्रक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन ट्रक चालक पुलिस की चेकिंग देखकर वाहन की गति बढ़ाकर बिना रुके आगे निकल गया। इसके बाद थाना सिटी कोतवाली जशपुर की पुलिस टीम को सूचना देकर संदिग्ध ट्रक को रोकने के लिए तत्काल कार्रवाई तेज की गई।

थाना लोदाम, सिटी कोतवाली जशपुर एवं थाना दुलदुला की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा आपसी समन्वय स्थापित कर संदिग्ध ट्रक की धरपकड़ के लिए घेराबंदी की गई। इसी दौरान ग्राम काईकछार के पास पुलिस टीम द्वारा नाकाबंदी कर वाहनों की जांच की जा रही थी। तभी संदिग्ध छह चक्का ट्रक तेज गति से वहां पहुंचा। पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी कर ट्रक को रोकने का प्रयास किए जाने पर ट्रक में सवार आरोपी वाहन रोककर अपने साथियों के साथ जंगल की ओर भागने लगे।

पुलिस टीम द्वारा तत्काल पीछा कर घेराबंदी की गई, जिसमें एक आरोपी को पकड़ने में सफलता मिली। पूछताछ में उसने अपना नाम मोजामिल अंसारी, उम्र 29 वर्ष, निवासी उगरा सड़क टोली, थाना सेन्हा, जिला लोहरदगा, झारखंड बताया। उसका एक अन्य साथी फरार हो गया, जिसे पुलिस द्वारा चिन्हित कर लिया गया है तथा उसकी पतासाजी की जा रही है।

पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संदिग्ध ट्रक के आगे तस्करों की एक रेकी टीम भी चल रही थी, जो रास्ते में पुलिस की गतिविधियों एवं परिस्थितियों के संबंध में ट्रक में सवार आरोपियों को सूचना दे रही थी। जब संदिग्ध ट्रक ग्राम खटंगा के पास पुलिस टीम को देखकर तेजी से भाग रहा था, तब रेकी कर रही कार में सवार व्यक्तियों द्वारा ट्रक में बैठे आरोपियों को सलाह दी गई कि एक व्यक्ति ट्रक से कूदकर भाग जाए, जिससे पुलिस उसका पीछा करने लगे और ट्रक को आगे निकलने का मौका मिल जाए।

इसी दौरान गौतम कुमार भगत उर्फ चरकू ट्रक से कूद गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस टीम द्वारा घायल व्यक्ति को तत्काल उपचार हेतु जिला अस्पताल जशपुर पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

मृतक की मृत्यु के संबंध में पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर जांच प्रारंभ कर दी गई है। मृत्यु की परिस्थितियों, घटनाक्रम तथा इसमें संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की गंभीरता से जांच की जा रही है। जांच में प्राप्त तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर शीघ्र ही पृथक से एक अन्य अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण में संलिप्त सभी आरोपियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फरार आरोपियों की पतासाजी एवं गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है।

 पूछताछ में गौवंश तस्करी के संबंध में हुआ खुलासा

पकड़े गए आरोपी मोजामिल अंसारी से पूछताछ तथा उसके मेमोरेंडम कथन के अनुसार, वह अपने अन्य साथियों के साथ ग्राम मोरगा, जिला कोरबा में था। वहां गुलाम अंसारी, निवासी साईं टांगरटोली, के कहने पर गौतम कुमार भगत उर्फ चरकू एवं मोजामिल अंसारी द्वारा ट्रक क्रमांक JH-02-L-0355 में गौवंश लोड किया गया था।

आरोपी के कथन के अनुसार, गौवंश को वध करने के उद्देश्य से बूचड़खाने ले जाने के लिए रस्सियों से बांधकर ट्रक में ठूंस-ठूंसकर भरा गया था। पशुओं के लिए दाना-पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। इसके बाद सभी गौवंश को ट्रक में भरकर झारखंड के सिसई की ओर ले जाया जा रहा था।

आरोपी ने बताया कि उसके अन्य साथी कार में ट्रक के आगे-आगे चल रहे थे तथा रास्ते में पुलिस चेकिंग होने पर फोन के माध्यम से सूचना देने की बात तय थी। ग्राम खटंगा के पास पुलिस चेकिंग देखकर ट्रक चालक ने वाहन की गति बढ़ा दी और पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास किए जाने के बावजूद ट्रक को आगे भगाता रहा।

पुलिस द्वारा पीछा किए जाने के दौरान लोरो घाट के पास ट्रक में सवार आरोपियों ने गौतम कुमार भगत उर्फ चरकू को ट्रक से कूदने के लिए कहा। इसी दौरान वह ट्रक से कूद गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस द्वारा उसे तत्काल जिला अस्पताल जशपुर पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

आरोपी के कथन के अनुसार, गौवंश सिसई निवासी एक व्यक्ति का था तथा पशुओं को ट्रक से लाने-ले जाने के एवज में उसे 3,000 रुपये देने की बात कही गई थी। पुलिस द्वारा गौवंश के स्वामित्व, तस्करी के उद्देश्य, आर्थिक लेन-देन तथा इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की विस्तृत जांच की जा रही है।

पुलिस द्वारा पकड़े गए आरोपी की निशानदेही पर अन्य आरोपियों को भी चिन्हित किया गया है। फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। गौवंश तस्करी में संलिप्त सभी व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

38 गौवंश एवं तस्करी में प्रयुक्त ट्रक जब्त

पुलिस टीम द्वारा गवाहों के समक्ष विधिवत कार्रवाई करते हुए ट्रक क्रमांक JH-02-L-0355 में क्रूरतापूर्वक भरकर ले जाए जा रहे कुल 38 गौवंश (गाय-बैल) तथा तस्करी में प्रयुक्त छह चक्का ट्रक को जब्त किया गया है।

आरोपी के कब्जे से ट्रक के वैध दस्तावेज भी प्राप्त नहीं हुए हैं। वाहन के पंजीयन नंबर एवं अन्य विवरणों का सत्यापन किया जा रहा है। पुलिस द्वारा वाहन के स्वामित्व तथा तस्करी में इसके उपयोग के संबंध में भी विस्तृत जांच की जा रही है।

 आरोपियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई

प्रकरण में छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 तथा पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11(1)(क) एवं 11(1)(घ) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

मृतक की मृत्यु के संबंध में पुलिस द्वारा मर्ग कायम कर जांच प्रारंभ कर दी गई है। जांच उपरांत शीघ्र ही पृथक से एक अन्य अपराध पंजीबद्ध कर इस घटनाक्रम में संलिप्त सभी संबंधित आरोपियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

गौवंश तस्करी जैसे गंभीर अपराध में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस द्वारा तस्करी के पूरे नेटवर्क, इसमें शामिल व्यक्तियों, वाहन के स्वामित्व तथा आर्थिक लेन-देन की गहन जांच की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है तथा प्रकरण में संलिप्त सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए प्रभावी कार्रवाई जारी है।