पृथ्वी की रक्षा सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, आने वाली पीढ़ियों के प्रति पवित्र संकल्प: पीएम मोदी

पृथ्वी की रक्षा सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, आने वाली पीढ़ियों के प्रति पवित्र संकल्प: पीएम मोदी

विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर अहम संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पृथ्वी की रक्षा करना मात्र एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा पवित्र संकल्प है, जिसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाना चाहिए।

इसे लेकर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “पृथ्वी हमारी माता है और इसके संरक्षण में मानवता का कल्याण निहित है। इसकी रक्षा करना हम सबका केवल दायित्व नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा पवित्र संकल्प भी है। यस्यां वृक्षा वानस्पत्या ध्रुवास्तिष्ठन्ति विश्वहा। पृथिवीं धेनुं प्रदुहां न उदिच्छन्तु नमोऽस्तु पृथिव्यै॥”

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी विश्व पृथ्वी दिवस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस दिवस की याद दिलाती है कि हमारे आज के कार्य ही हमारे ग्रह के भविष्य को निर्धारित करते हैं। उन्होंने जोर दिया कि पर्यावरण संरक्षण को हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना चाहिए।

नड्डा ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में चलाए जा रहे ‘स्वच्छ भारत अभियान’ और ‘एक पेड़ माँ के नाम’ जैसे कार्यक्रमों की सराहना की, जो लोगों को स्वच्छ और हरित भविष्य निर्माण में सक्रिय योगदान के लिए प्रेरित कर रहे हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर पोस्ट कर प्रदेशवासियों को विश्व पृथ्वी दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, “सनातन संस्कृति में धरती को मां के रूप में पूजा जाता है, जो समस्त चराचर जगत का नि:स्वार्थ भाव से पोषण करती है। विश्व पृथ्वी दिवस के इस पावन अवसर पर आइए, हम सभी प्राणदायिनी धरा को प्रदूषण मुक्त और वृक्षों से हरी-भरी बनाने का संकल्प लें।”

वहीं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस मौके पर शुभकामनाएं देते हुए एक्स पर पोस्ट कर कहा, “ समस्त प्रदेशवासियों को विश्व पृथ्वी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। स्वच्छ, हरित और सुरक्षित वातावरण केवल वर्तमान की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। यह दिवस हमें प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों की याद दिलाता है। आइए, हम सभी पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए सजग रहने और सक्रिय योगदान देने का संकल्प करें।