चतुर्थ श्रेणी आदेशिका वाहक कर्मचारी 23 साल बाद सेवानिवृत्त, मयाली डेम कुनकुरी में विदाई समारोह आयोजित
जशपुर। माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय जशपुर जिला जशपुर छ०ग० के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आदेशिका वाहक रामायण डनसेना 23 वर्षों की सेवा के बाद 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त हो गए। वे आदेशिका वाहक के पद पर कार्यरत थे। इस अवसर पर माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय जशपुर जिला जशपुर छ०ग० परिवार द्वारा उनके सम्मान में एक विदाई समारोह दिनांक 03/05/2026 का यह सुहावना अवसर, प्रकृति की गोद में बसे सुंदर स्थल मयाली डेम, कुनकुरी में आयोजन किया गया। इस दौरान सभी कर्मचारियों द्वारा संयुक्त रूप से फूलों की वर्षा करते हुए स्वागत किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला प्रवक्ता श्री बुलाकी लाल द्वारा मधुर गायन के साथ अत्यंत प्रभावी एवं सराहनीय ढंग से किया गया।
यह समारोह न्यायिक कर्मचारी संघ के यशस्वी अध्यक्ष श्री बी. एस. खूंटे जी की अध्यक्षता में हर्षोल्लास एवं गरिमा के साथ संपन्न हुआ। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति एक विधिक प्रक्रिया है जिससे प्रत्येक कर्मचारी को गुजरना पड़ता है, किंतु कुछ व्यक्तित्व अपने पद से नहीं, बल्कि अपने आचरण और आदर्शों से महान बनते हैं, श्री डनसेना जी ऐसे ही प्रेरणास्रोत व्यक्तित्व हैं, जिन्होंने अपने जीवन का प्रत्येक क्षण सेवा, सत्य एवं न्याय के पथ पर समर्पित किया। तृतीय श्रेणी छत्तीसगढ़ न्यायिक कर्मचारी संघ शाखा जशपुर (छ.ग.) के वरिष्ठ संरक्षक श्री मुकुत राम मैत्री ने रामायण डनसेना के 23 वर्षों के लगन और सेवाभाव को अविस्मरणीय बताया। उन्होंने कहा कि रामायण डनसेना ने अपने सेवाकाल में जो छाप छोड़ी है, उससे नए कर्मचारियों को सीख लेनी चाहिए। इस अवसर पर उपस्थित चतुर्थ श्रेणी छत्तीसगढ़ न्यायिक कर्मचारी संघ शाखा जशपुर (छ.ग.) के अध्यक्ष मदन बरेठ ने रामायण डनसेना के कार्यों लगन और सेवाभाव को अविस्मरणीय बताया। उन्होंने कहा कि रामायण डनसेना ने अपने सेवाकाल में जो छाप छोड़ी है, उससे नए कर्मचारियों को सीख लेनी चाहिए। वरिष्ठ संधक श्री मुकुत राम मैत्री ने इस संबंध में कहा कि रामायण डनसेना को एक समर्पित एवं प्रेरणादायी कर्मचारी बताते हुए उनके योगदान की सराहना की।
बगीचा तालुका अध्यक्ष रामरतन साहू ने अपने उदबोधन कहा कि सेवा केवल कार्य नहीं होती, वह एक जिम्मेदारी होती है-एक ऐसा कर्तव्य, जिसे निभाने के लिए समर्पण और निष्ठा की आवश्यकता होती है। रामायण डनसेना जी ने अपने पूरे सेवा काल में जिस ईमानदारी, अनुशासन और लगन के साथ कार्य किया, वह हम सभी के लिए एक प्रेरणा है। अंत में श्री रामायण डनसेना ने अपने उदबोधन में कहा कि जब वे अपने सेवाकाल की शुरुआत की थी, तब मन में केवल एक ही संकल्प था-अपने कर्तव्यों का ईमानदारी, निष्ठा और अनुशासन के साथ पालन करना। इस न्यायालय ने मुझे न केवल कार्य करने का अवसर दिया, बल्कि जीवन के अनेक महत्वपूर्ण मूल्य भी सिखाए जैसे समय का सम्मान, जिम्मेदारी का निर्वहन और टीम भावना का महत्व के बारे में विस्तार से जारी दी।
इस विदाई समारोह में तृतीय श्रेणी छत्तीसगढ़ न्यायिक कर्मचारी संघ शाखा जशपुर (छ.ग.) के सरक्षक जगन्नाथ ठाकुर, कालेश्वर सिंह, उपाध्यक्ष राम निवास जोल्हे, सगंठन सचिव जनेन्द्र राम भगत, मीडिया प्रभारी किशन कुमार, प्रचार सचिव नम्रता गुप्ता, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के सचिव श्रीमती विभा सिंह राजपूत, तिलक साहू, अनुमप तिर्की, तहसील प्रतिनिधि बगीचा रामरतन साहू, जिला कार्यकारिणी सदस्य अजीत नायक, सुदन साय पैंकरा, नरेश कुमार प्रधान, गोपेश सिंह, मनोहर कंवर, प्रेम साय पोर्ते, टीकम कुमार, अनुप कुजूर, मधुलता, मेघनाथ, तालुका बगीचा पुष्पा पैंकरा, परिवा राम, मनसीद टोप्पो, कुनकुरी तालुका से बिंदेश्वर राम, बुधनाथ, विजय राम, रमेश माण्डावी, मालती प्रधान, यशोदा पत्थलगांव तालुका से देसिंह सिदार, मनीष यादव परिवार न्यायालय जशपुर से नायब नाजिर सुरेन्द्र कुमार एवं विभिन्न तालुकाओं से आए अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण सम्मिलित रहे। यह कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर अधिकारी कर्मचारी द्वारा सेवानिवृत्त कर्मी को सप्रेम उपहार भेंट कर और फूलमाला पहनाकर सम्मानपूर्वक भावभीनी विदाई दी गई।





