Delhi NCR विस्तार को मिलेगी नई रफ्तार

Delhi NCR विस्तार को मिलेगी नई रफ्तार

दिल्ली प्रस्तावित 'रीजनल प्लान-2041' के तहत नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) को चार नए ग्रीनफील्ड अर्बन सेंटर मिलेंगे, जिन्हें "नमो सिटीज़" कहा जाएगा। इनके विकास के लिए अगले पांच सालों में 5,000 करोड़ रुपये की फंडिंग रखी गई है, जिसके लिए इसमें शामिल राज्य आपस में मुकाबला करेंगे। हर राज्य को चुने गए तीन शहरों के लिए तीन प्लान जमा करने होंगे, जिनमें से एक को चुना जाएगा। यह घोषणा केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) की 42वीं बैठक के बाद की। इस बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उत्तर प्रदेश व राजस्थान के प्रतिनिधि शामिल हुए। ने कहा, "चार ग्रीनफील्ड शहर विकसित किए जाएंगे। इन शहरों को 'नमो सिटीज़' कहा जाएगा।" उन्होंने आगे कहा कि राज्य प्रस्ताव जमा करेंगे और शहरों का चयन एक चैलेंज प्रोसेस के ज़रिए किया जाएगा। 'द ट्रिब्यून' से खास बातचीत में उन्होंने कहा, "देखिए... हम इसकी योजना इस तरह बना रहे हैं कि जहां भी मेट्रो पहुंचेगी, हम उन शहरों को उसी तरह विकसित करना चाहते हैं जैसे हम दिल्ली के लिए TOD पॉलिसी के तहत योजना बना रहे हैं।" रीजनल प्लान-2041' का एक अहम हिस्सा हैं। इस प्लान का मकसद विकेंद्रीकृत शहरीकरण को बढ़ावा देना और NCR में नए आर्थिक और रिहायशी हब बनाकर दिल्ली पर दबाव कम करना है। बैठक में चर्चा किए गए अनुमानों के मुताबिक, आने वाले दशकों में NCR में शहरीकरण तेज़ी से बढ़ने की उम्मीद है। अनुमान है कि शहरी आबादी 2031 तक लगभग 57 प्रतिशत और 2041 तक लगभग 67 प्रतिशत हो जाएगी। अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि अगले दो दशकों में इस क्षेत्र की आबादी तेज़ी से बढ़ सकती है, जिससे नए ग्रोथ सेंटर बनाना ज़रूरी हो जाएगा। मनोहर ने खुद भी इसे माना और कहा कि अगले दशक तक NCR क्षेत्र की आबादी बढ़कर 15 करोड़ हो जाएगी। उम्मीद है कि प्रस्तावित शहरों को इंटीग्रेटेड अर्बन सेंटर के तौर पर प्लान किया जाएगा, जिसमें घर, रोज़गार, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और सोशल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी सुविधाएं होंगी। साथ ही, ये शहर दिल्ली में भीड़ कम करने के बड़े मकसद में भी मदद करेंगे। अभी फ्रेमवर्क को अंतिम रूप भी नहीं दिया गया है, लेकिन राज्यों ने अभी से ही दावेदारी शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्री एके शर्मा ने नोएडा-दादरी-जेवर-बुलंदशहर बेल्ट को उन शहरों में से एक के लिए संभावित दावेदार के तौर पर पेश किया। उन्होंने कहा कि राज्य NCR के भविष्य के विकास को संभालने में बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।  राजस्थान के शहरी विकास मंत्री ने सुझाव दिया कि NCR में अपनी रणनीतिक स्थिति और विकास की संभावनाओं को देखते हुए अलवर और भरतपुर मजबूत दावेदार के तौर पर उभर सकते हैं। यह घोषणा तब हुई जब NCRPB 'रीजनल प्लान-2041' को अंतिम रूप देने के करीब पहुंच गया। हालांकि मंगलवार को इस योजना को औपचारिक रूप से मंजूरी नहीं मिली, लेकिन अधिकारियों ने कहा कि ज्यादातर मुद्दों पर आम सहमति बन गई है और तकनीकी मुद्दों के समाधान के बाद अगले दो महीनों में इसके अंतिम संस्करण को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। बैठक में संतुलित क्षेत्रीय विकास, RRTS के जरिए बेहतर आवागमन और नए शहरी केंद्र बनाने पर जोर दिया गया। साथ ही भविष्य के लिए "मैग्नेट शहरों" की पहचान की गई, ताकि क्षेत्र के मुख्य विकास केंद्र के तौर पर दिल्ली पर निर्भरता कम की जा सक